Operation Green yojana

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि आज के समय में देश में कोरोना वायरस का काफी बड़ा संकट बना हुआ है ऐसे में बहुत से गरीब लोगों के लिए दो वक्त की रोटी भी खाना काफी ज्यादा मुश्किल हो गया है इसी बात को ध्यान में रखते हुए सरकार ने Operation Green Yojana को शुरू करने का फैसला किया है और अगर आप को इस योजना के बारे में कोई जानकारी नहीं है तो हमारी यह पोस्ट आपकी बिल्कुल सही है जहां पर हम आपको इसके बारे में पूरी जानकारी विस्तार से प्रदान करेंगे |

हम इस पोस्ट के माध्यम से आपको बताएंगे कि ऑपरेशन ग्रीन योजना क्या है और किस प्रकार से आप इस योजना के तहत फायदा उठा सकते हैं इसके अलावा हम आपको बताएंगे कि सरकार कैसे जो है योजना के तहत गरीब परिवारों को मदद प्रदान करेगी और क्या पूरी प्रक्रिया रहने वाली है इसके बारे में हम इस पोस्ट में आपको बिल्कुल ही विस्तार से और हिंदी भाषा में जानकारियों को शेयर करने जा रहे हैं |

हमारे देश में ग्रीन सब्जी और फ्रूट काफी ज्यादा लोगों के द्वारा गाए जाते हैं क्योंकि सभी लोग जो है खाने के रूप में  सब्जी खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं और देश में अधिकांश आबादी इसी पर निर्भर करती है ऐसे में अगर सब्जी और  फ्रूट पर किसी भी प्रकार से समस्या आती है या फिर में कमी आती है तो देश पर काफी बड़ी समस्या आ जाती है इसी बात के लिए सरकार ने Operation Green yojana को शुरू करने का फैसला किया है |

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Operation Green Yojana

वित्त मंत्री, निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 22 की घोषणा करते हुए कहा कि ऑपरेशन ग्रीन को टीओपी (टमाटर, प्याज, आलू) से परे लगभग 22 खराब होने वाली वस्तुओं से आगे बढ़ाया जाएगा।

इसे शुरू में 2018 में अरुण जेटली ने लॉन्च किया था यह एक मूल्य निर्धारण योजना है जिसका उद्देश्य किसानों को उनके द्वारा उत्पादित फसलों का सही मूल्य दिलाना है योजना किसानों और उपभोक्ताओं के बीच संबंध स्थापित करके टमाटर, प्याज और आलू के संगठित विपणन पर केंद्रित है।

इस योजना का उद्देश्य किसान उत्पादक संगठनों, कृषि-लॉजिस्टिक्स, प्रसंस्करण सुविधाओं और कृषि उपज के पेशेवर प्रबंधन को बढ़ावा देना है जो योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं वे हैं राज्य कृषि और अन्य विपणन संघ, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), सहकारी संस्थाएं, कंपनियां, स्वयं सहायता समूह, खाद्य प्रोसेसर आदि।

इस योजना की क्या विशेषता है?

हम यहां पर आपके साथ में ऑपरेशन ग्रीन योजना की विशेषता के बारे में आपको पूरी जानकारी देने जा रहे जिससे कि आपको इस योजना के बारे में और बेहतर तरीके से जानकारी मिल पाएगी |

ऑपरेशन ग्रीन को वर्तमान में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय या MoFPI में रखा गया है मंत्रालय ने कुछ कार्यक्रम प्रबंधन एजेंसियों को इसके कार्यान्वयन पर ध्यान देने के लिए भी आमंत्रित किया है।

योजना का प्रारंभिक परिव्यय INR 500 करोड़ था। इस INR में से 50 करोड़ मूल्य के स्थिरीकरण के लिए आरक्षित किए गए थे NAFED के लिए बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए जब भी कीमतों में एक दुर्घटना के कारण दुर्घटना।
एकीकृत मूल्य श्रृंखला परियोजनाओं को विकसित करने के लिए 450 करोड़ आरक्षित हैं।

अभी इस योजना के क्या परिस्थिति है?

  • योजना की बारीकी से जांच और इसके क्रियान्वयन के बाद, विशेषज्ञों का मानना ​​है कि यह धीमी गति से है और इसके उद्देश्यों के पास कहीं नहीं है।
  • आईसीआरआईईआर के अध्ययन के अनुसार, “कीमत में उतार-चढ़ाव पहले जितना ही बना हुआ है, और उपभोक्ताओं के रुपये में किसानों की हिस्सेदारी 26.6%, आलू के मामले में 29.1%, और 32.4% के मामले में कम है। टमाटर का “
  • डेयरी सेक्टर को ग्रीन्स से अधिक सुधार के लिए कहा गया है। कुछ सबक हैं ऑपरेशन ग्रीन ऑपरेशन फ्लड से ले सकते हैं।
  • हालांकि, ऑपरेशन फ्लड के साथ इसकी तुलना थोड़ी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाद में 20 साल तक ऑपरेशन चला।
निष्कर्ष 

हमने इस पोस्ट के माध्यम से Operation Green Yojana के बारे में आपको पूरी जानकारी को विस्तार से प्रदान किया है उन्हें पूरी उम्मीद है कि हमारी एक छोटी सी पोस्ट आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी इसके अलावा अगर आपके कोई सवाल है जिसका जवाब दो हम इस पोस्ट में नहीं दे पाए हैं या फिर आप तो इस योजना के बारे में और भी कोई जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो आप हमें नीचे कमेंट के माध्यम से भी बता सकते हैं |

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